राष्ट्रपति का आध्यात्मिक सफर: परंपरा से जुड़कर रचा नया इतिहास
नंगे पैर चलीं राष्ट्रपति — गोवर्धन परिक्रमा में दिखी सच्ची भक्ति”
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रचा इतिहास: गोवर्धन परिक्रमा करने वाली बनीं देश की पहली राष्ट्रपति
दानघाटी मंदिर में पूजा के बाद शुरू की 21 किमी परिक्रमा, कुछ दूरी नंगे पैर चलकर जताई आस्था
मथुरा | 22 मार्च 2026 (राजतंत्र समाचार)
भारत की राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने शनिवार को धार्मिक आस्था और सादगी का अद्भुत उदाहरण पेश करते हुए गोवर्धन महाराज की परिक्रमा कर इतिहास रच दिया। वे स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली राष्ट्रपति बन गई हैं जिन्होंने Govardhan Parikrama की।
दानघाटी मंदिर से की शुरुआत
राष्ट्रपति मुर्मू ने 21 मार्च 2026 को मथुरा स्थित दानघाटी मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद परिक्रमा की शुरुआत की। यह परिक्रमा लगभग 21 किलोमीटर की होती है, जिसे श्रद्धालु आमतौर पर पैदल पूरा करते हैं।
गोल्फ कार्ट से परिक्रमा, कुछ हिस्सा नंगे पैर चलीं
राष्ट्रपति ने पूरी परिक्रमा गोल्फ कार्ट के माध्यम से पूरी की, लेकिन कुछ दूरी उन्होंने नंगे पैर चलकर तय की। यह दृश्य उनकी गहरी श्रद्धा और भारतीय परंपराओं के प्रति सम्मान को दर्शाता है।
पहले किसी राष्ट्रपति ने नहीं की परिक्रमा
उपलब्ध जानकारी और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इससे पहले किसी भी भारतीय राष्ट्रपति—चाहे वह Rajendra Prasad हों, A. P. J. Abdul Kalam हों या Pratibha Patil—के द्वारा गोवर्धन परिक्रमा करने का कोई रिकॉर्ड सामने नहीं आया है।
आस्था और परंपरा का अनोखा संगम
राष्ट्रपति मुर्मू की यह यात्रा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह देश की सांस्कृतिक विरासत से उनके जुड़ाव को भी दर्शाती है। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में इस ऐतिहासिक क्षण को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।
